0 मोबाइल एप्लीकेशन पर प्रेरक वक्ता से लेकर विभिन्न वर्गों के वीडियो अपलोड करने का पैशन बन गया कैरियर
मिर्जापुर।
जीरो से शुरू हुआ सफर अब 5:50 लाख लोगों से अधिक के दिलों पर राज कर रहा है। सपने बड़े थे, सफर लंबा था, पर आपने आप पर विश्वास इतना कि इंटरनेट मीडिया की हर परीक्षा पास कर लोकप्रियता का आसमान छूने में सफल रहा। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं प्रयागराज के एक छोटे से गांव हंडिया के सूरज सिंह की। जिनकी पहचान अब मिस्टर टीएसके के रूप में होती है। जोश मोबाइल एप्लीकेशन पर प्रेरक वक्ता से लेकर विभिन्न वर्गों के वीडियो अपलोड करने का उनका पैशन अब कैरियर बन गया है।

सूरज सिंह यानी मिस्टर टीएसके मूल रूप से संत रविदास नगर यानी पहले के भदोही जिले के रहने वाले हैं। वहां के एक छोटे से गांव इटावा में 15 अगस्त 1995 को जन्म हुआ। कुछ समय बाद सूरज का परिवार प्रयागराज के हंडिया में आकर बस गया। यही से ही प्राथमिक शिक्षा, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट और स्नातक तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब अभिनय के क्षेत्र में सूरज तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

सूरज सिंह ने अपने जीवन अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़े जुड़े हुए विभिन्न पहलुओं पर खुलकर बातचीत की और अपनी शुरुआत से लेकर अब तक के सफर के बारे में बेबाकी से अपनी राय रखी। सूरज ने बताया कि उनके पिता आज भी खेतों में काम करते हैं और मूल रूप से वह किसान हैं। पिता का साधारण और सादगी भरा जीवन हमेशा से उन्हें प्रभावित करता रहा और यही कारण है कि इतनी लोकप्रियता के बाद भी वह अभी भी बेहद सादगी से अपने जीवन को जीना पसंद करते हैं। पिता अभिमन्यु सिंह मां सुनीता सिंह व एक भाई एक बहन हैं।

सूरज बताते हैं कि स्कूल के दिनों में नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया करते थे। अभिनय के क्षेत्र में शुरुआत से ही उनका बहुत रुझान था। इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर का वीडियो बनाने लगे। इस बीच टिक टाक पर भी काफी वीडियो पोस्ट किया लेकिन, अचानक से टिक टाक बंद हुआ तो लगा अब क्या करेंगे। हार न मानी सफर जारी रखा अपने अभिनय से संबंधित जो भी वीडियो बनाता उसे किसी न किसी माध्यम से इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्म पर पोस्ट करता। कुछ लोगों से सराहना मिलती। बहुत सारे लोग वीडियो को नकार देते लेकिन, इतना तो तय था कि मुझे आगे बढ़ना है, इसलिए वीडियो बनाना बंद नहीं किया। और आज जोश एप पर 5. 50 लाख से अधिक फालोवर हो चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ ही रही है।

सूरज बताते हैं कि उन्हें क्रिकेट खेलना और क्रिकेट देखना बहुत पसंद है। अभिनय और कविता उनका पैशन है। सपना है कि बॉलीवुड में यूपी का नाम गूंजे और उसके एक स्तंभ के रूप में उनका भी नाम शामिल हो। गरीबों अनाथ बच्चों के लिए काम करना। जानवरों के लिए बेहतर करने का प्रयास करना उनके जीवन का हिस्सा है। सूरज की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अब स्वजन भी सूरज को सपोर्ट करने लगे हैं। शुरुआत में हर कोई इसे समय की बर्बादी मान रहा था और अच्छे से पढ़ाई करने व अच्छी नौकरी करने के लिए सलाह देता था। आसपास के लोग भी सूरज का मजाक ही बनाते थे लेकिन, अपने धैर्य और इमानदारी से किए गए प्रयास ने सूरज को एक नई पहचान दे दी है। जोश ऐप के क्षितिज पर सफलता का सूरज अब चमक रहा है।